नई दिल्ली, अगस्त 17 -- हेमलता कौशिक, नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को राजीव गांधी फाउंडेशन को सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस स्वर्ण कांता की पीठ ने साल 2011 की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता कई तारीखों पर पेश नहीं हुआ। आरटीआई कानून के तहत हर सार्वजनिक प्राधिकरण को अपने सभी रिकॉर्ड रखने होते हैं। अपने फैसलों को सही ठहराना और समझाना होता है।CIC के आदेश को दी गई थी चुनौती यदि किसी संस्था को सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित किया जाता है तो वह कानूनन पारदर्शिता एवं जानकारी देने की बाध्यताओं के दायरे में आ जाती है। यह याचिका दिल्ली के वकील षणमुगा पात्रो ने दायर की थी। उन्होंने मुख्य सूचना आयोग (सीआईसी) के 15 अक्टूबर, 2010 के उस आदेश को चुनौती दी थी...