लखीमपुरखीरी, फरवरी 9 -- मितौली, संवाददाता। मितौलगढ़ के राजा लोने सिंह द्वारा रचित दुर्लभ व ऐतिहासिक पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण की उम्मीदों को पंख लगते दिख रहे हैं। पांडुलिपियों का औपचारिक हस्तांतरण विधिवत संपन्न हुआ। यह हस्तांतरण महाराज लोने सिंह के राजपुरोहित वंशज राम शंकर दीक्षित ने किया। राजा लोने सिंह द्वारा रचित पांडुलिपियों की ऐतिहासिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के प्रयास शुरू हो गए है। गोकर्ण फाउंडेशन की ओर से संचालित गोकर्ण शोध कला व संस्कृति संस्थान के निदेशक विक्रांत सिंह परमार, प्रबंध निदेशक कमल नयन शुक्ला मितौली पहुंचे। विधिवत पत्राचार व स्टांप प्रक्रिया के बाद पांडुलिपियों का हस्तांतरण किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य सहयोगी राजकुमार सिंह के अलावा आशू सिंह व राघवेंद्र दीक्षित गवाह के रूप में मौजूद रहे...