इटावा औरैया, जून 9 -- महेवा। कस्बा स्थित श्रीसिद्धनाथ मंदिर पर चल रही श्री मद्भागवत कथा में आचार्य महंत हरभजन दास ने राजा परीक्षित के जन्म व शुकदेव के आगमन की कथा सुनाई।। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास ने परीक्षित जन्म, शुकदेव आगमन की कथा सुनाई। उन्होंने युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया। ब्रह्मास्त्र से लगने से अभिमन्यु की गर्भवती पत्नी उत्तरा के गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ। परीक्षित जब बड़े हुए नाती पोतों से भरा पूरा परिवार था। सुख वैभव से समृद्ध राज्य था। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत कथा में परीक्षित जन्म का वृतांत सुनाया वह जब 60 वर्ष के थे। एक दिन वह शमीक मुनि से मिलने उनके आश्रम गए। उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन तप में लीन ...