इटावा औरैया, मार्च 21 -- कालिका माता मंदिर परिसर में चल रही श्री मद्भागवत कथा में आचार्य साकेत बिहारी दीक्षित ने राजा परीक्षित के जन्म व शुकदेव जी के आगमन की कथा सुनाई। कथा के तृतीय दिवस कथा व्यास आचार्य साकेत बिहारी बताया महाभारत युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने से क्रोधित होकर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया। ब्रह्मास्त्र लगने से अभिमन्यु की गर्भवती पत्नी उत्तरा के गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ। एक दिन वह शमीक मुनि से मिलने उनके आश्रम गए। उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन तप में लीन होने के कारण मुनि ने कोई उत्तर नहीं दिया। राजा परीक्षित स्वयं का अपमान मानकर निकट मृत पड़े सर्प को मुनि के गले में डाल कर चले गए। अपने पिता के गले में मृत सर्प को देख मुनि के पुत्र ने श्राप दे दिया कि जिस किसी ने भी मे...