वाराणसी, मार्च 19 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आज से आरंभ हो रहे रौद्र नाम संवत्सर में आकाशीय मंत्रिमंडल में विरोधाभासी गुणों वाले ग्रह अपना-अपना प्रभाव दिखाएंगे। इस संवत्सर के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे। राजा गुरु जहां अपने प्रभाव से सारे काम बनाने का उद्यम करेंगे तो मंत्री मंगल उनके बनाए कामों को बिगाड़ने में अपनी भूमिका निभाएंगे।गुरु के राजा होने से पृथ्वी पर उत्तम वर्षा होगी। गायों का दूध बढ़ेगा। धार्मिक और मांगलिक कार्यों में भी वृद्धि होगी। वहीं मंत्री मंगल लोगों को रोगों और चारों के माध्यम से कष्ट प्रदान करेगा। धनेश विभाग भी गुरु के ही पास होने से व्यापारी वर्ग को विशेष लाभ होगा। फूल और इत्र के कारोबार की आशा से कहीं अधिक उन्नति एवं लाभ होगा। चंद्रमा के पास फलेश, मेघेश और दुर्गेश विभाग हैं। ऐसे में चंद्रमा उत्तम वर्षा में सहायक...