हजारीबाग, अगस्त 10 -- हजारीबाग। वरीय संवाददाता रामगढ़ राजघराने के राजा बहादुर कामाख्या नारायण सिंह की सोमवार को 110 वीं जयंती है। 10 अगस्त 1916 को पदमा में जन्में कामाख्या नारायण सिंह को राजा बहादुर भी कहा जाता था। राजतंत्र में पले-बढ़े होने के बावजूद उनकी राजनीतिक सोच पूरी तरह गांधीवादी थी।

राजनीतिक योगदान 1940 में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का 53वां अधिवेशन रामगढ़ में आयोजित हुआ था। इस ऐतिहासिक अधिवेशन को सफल बनाने में कामाख्या नारायण सिंह ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि पट्टाभि सीतारमैया की पुस्तक कांग्रेस का इतिहास के खंड-दो के पृष्ठ 176 में भी उनके इस योगदान का उल्लेख मिलता है। राजतंत्र के समाप्त होने के बाद भी अपनी लोकप्रियता बनाए रखना कामा...