नई दिल्ली, अगस्त 27 -- मुंबई। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय कंपनियों की राजस्व वृद्धि पहली तिमाही के 21.3 प्रतिशत से घटकर 13-15 प्रतिशत रह सकती है। इस दौरान कंपनियों का परिचालन लाभ मार्जिन भी एक प्रतिशत घटने का अनुमान है। इक्रा रेटिंग्स ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में कमजोर वैश्विक मांग से निर्यात आधारित क्षेत्रों का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है, जबकि घरेलू मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। वाहन, खुदरा, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तु और आतिथ्य जैसे क्षेत्र घरेलू खपत पर निर्भर होने के कारण सूचना प्रौद्योगिकी, परिधान एवं घरेलू वस्त्र तथा तराशे गए हीरों जैसे निर्यात-आधारित क्षेत्रों की तुलना में बेहतर राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकते हैं।

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