राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल, ऑनलाइन मिलेंगी प्रमाणित कॉपियां
लखनऊ, अप्रैल 14 -- जिले में जमीन-जायदाद के कागजात और राजस्व रिकॉर्ड प्राप्त करने की दशकों पुरानी व्यवस्था अब इतिहास बनने जा रही है। सभी पांच तहसीलों के रिकॉर्ड को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब नागरिकों को खतौनी या बंदोबस्त अभिलेखों के लिए कलेक्ट्रेट या तहसील के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिलाधिकारी विशाख जी ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन ने जिले की पांचों तहसीलों, सदर, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, बीकेटी और सरोजनीनगर के अंतर्गत आने वाले सभी सात परगनाओं (लखनऊ, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, निगोहां, महोना, बिजनौर और काकोरी) के कुल 898 गांवों का डेटा डिजिटल कर दिया है। यह भी पढ़ें- यूपी के इस जिले में राजस्व रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल, खतौनी और अन्य कागजात ऑनलाइन मिलेंगे कुल 22,51,696 (22.51 लाख) रिकॉर्ड्स को स्कैन और डिजिटाइ...
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