पटना, मार्च 17 -- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व न्यायालयों में वाद लंबित रहने पर चिंता व्यक्त की है। अंचल अधिकारियों व हल्का कर्मचारियों के हड़ताल/सामूहिक अवकाश का हवाला देते हुए इस मामले को लंबित रखा जाना सही नहीं है। इसलिए वादों के निबटारे में कुछेक बातों का ख्याल रखा जाए। किसी भी परिस्थिति में बिना नोटिस कोई आदेश जारी नहीं किया जाना है। नोटिस का तामिला राजस्व न्यायालय के अभिलेख का अभिन्न अंग रहेगा। दोनों पक्षों को लिखित तौर पर बयान देने का अवसर दिया जाएगा। तीन दिनों से अधिक सुनवाई अपवाद के तौर पर सकारण किया जाएगा। सभी अंतिम आदेश सकारण होंगे। न्यायालयों में चैट जीपीटी या जेमिनी का सहयोग लिया जा सकेगा। विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त, समाहर्ता, अपर समाहर्ता और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से कहा है कि 18 मार्च से 15 अप्रैल के बीच इन मा...