नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर ठगी का एक खतरनाक और 'अपडेटेड' मॉडल सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर पुलिस ने 400 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट इंसेंटिव फ्रॉड का खुलासा करते हुए एक ऐसे संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जो आम लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर सरकारी सब्सिडी पर डाका डाल रहा था। इस मामले में जांच अब राजस्थान से निकलकर दिल्ली तक पहुंच चुकी है और कई चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्में जांच के दायरे में हैं।डिजिटल पहचान का दुरुपयोग बना हथियार पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने आम लोगों के आधार और पैन कार्ड की जानकारी अवैध रूप से हासिल की। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट तैयार किए गए। यही डिजिटल पहचान इस पूरे घोटाले की 'मास्टर चा...