नई दिल्ली, मई 23 -- राजस्थान में झुंझुनूं जिले के एक छोटे से गांव से निकला एक लड़का. आंखों में सफेद कोट पहनने का सपना. परिवार की उम्मीद. और तीन साल की लगातार मेहनत। लेकिन जिस दिन उसे लगा कि मंजिल मिल गई है, उसी सपने के टूटने का डर उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के कनिका की ढाणी बाड्या नाला गांव के 22 वर्षीय प्रदीप मेघवाल पिछले करीब तीन साल से सीकर में रहकर NEET की तैयारी कर रहे थे। परिवार ने उम्मीदों का पूरा संसार उसी पर टिका रखा था। पिता ने घर बनाने का सपना टाल दिया, पढ़ाई के लिए लाखों रुपए खर्च किए। मां को लगता था कि बेटा डॉक्टर बनेगा तो पूरे परिवार की जिंदगी बदल जाएगी। 3 मई 2026 को प्रदीप ने NEET-UG परीक्षा दी। परीक्षा से बाहर निकलते ही उसने पिता से कहा"इस बार हो जाएगा. मेरा सिलेक्शन पक्का...