जयपुर, जून 26 -- राजस्थान की राजनीति और प्रशासन में अक्सर बड़े फैसलों की चर्चा होती है, लेकिन इस बार जो हुआ, उसने सिर्फ सरकारी फाइलों का वजन नहीं बढ़ाया, बल्कि उन लाखों लोगों की उम्मीदों को भी नया पता दे दिया, जो वर्षों से अपने कस्बे को शहर बनते देखने का इंतजार कर रहे थे।कस्बों से शहर बनने का सफर सोचिए. एक छोटा कस्बा, जहां सड़कें तो हैं लेकिन शहर जैसी व्यवस्था नहीं। जहां आबादी बढ़ती रही, बाजार फैलते रहे, मकान ऊंचे होते गए, लेकिन सरकारी सुविधाएं वहीं की वहीं अटकी रहीं। अब यही कस्बे नगर पालिका बनने जा रहे हैं। यानी अब इनके पास अपना प्रशासन होगा, अपने विकास की रफ्तार होगी और योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने का अलग तंत्र होगा। यह भी पढ़ें- 16 करोड़ युवा शराब गटकने वाले,भारत के करोड़ों युवाओं पर चौंकाने वाली रिपोर्ट15 साल का सबसे बड़ा नगरीय विस्तार...