नई दिल्ली, मई 1 -- राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देता नजर आ रहा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ संकेत दे दिए हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन तय है। करीब 7 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स की नाराजगी अब संगठित विरोध में बदलती दिख रही है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई। लेकिन इस ज्ञापन के साथ ही जो चेतावनी दी गई, उसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।सबसे बड़ा मुद्दा: RGHS की सांसें अटकीं राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) पर इस वक्त सबसे बड़ा संकट खड़ा हो ग...