नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खाना बनाने वाले रसोइयों का अपना ही चूल्हा आर्थिक तंगी के चलते ठंडा पड़ने लगा है। कहीं सात महीने से मानदेय नहीं मिला, तो कहीं बाल गोपाल दूध योजना के तहत दूध गर्म करने, चीनी और गैस सिलेंडर का खर्च 15 महीने से अटका हुआ है। राजस्थान में मिड-डे मील और बाल गोपाल दूध योजना के भुगतान में हो रही देरी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। दिवाली से पहले बकाया भुगतान की मांग तेज हो गई है। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि तीन दिन में बकाया राशि जारी नहीं हुई तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।5,200 रसोइयों का मानदेय अटका, हर महीने मिलते हैं 2,467 रुपये उदयपुर जिले में मिड-डे मील योजना के तहत काम करने वाले करीब 5,200 कुक-कम-हेल्पर अपने मानदेय का इं...