नई दिल्ली, फरवरी 24 -- सोमवार को राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बंदरों के बढ़ते आतंक पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ने सदन का माहौल गरमा दिया। सामान्यतः 10 से 15 मिनट में निपटने वाला यह प्रस्ताव 22 मिनट तक चर्चा का केंद्र बना रहा। बहस के दौरान हल्ला, टोका-टाकी और तीखी टिप्पणियां भी देखने को मिलीं। शाहपुरा विधायक मनीष यादव ने अपने क्षेत्र में बंदरों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को गंभीर बताते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा। हालांकि, जब स्पीकर ने उनका नाम पुकारा, उस समय बीकानेर में एक बालिका की हत्या को लेकर सदन में हंगामा चल रहा था और कांग्रेस सदस्य वॉकआउट करते हुए बाहर जा रहे थे। इसी बीच यादव भी ऊहापोह की स्थिति में बाहर की ओर बढ़े, जिस पर स्पीकर वासुदेव देवनानी नाराज हो गए। देवनानी ने कड़े शब्दों में कहा कि "आपका ही प्रस्ताव है और आप बाहर जा...