नई दिल्ली, अक्टूबर 17 -- राजस्थान के जालोर में एक ऐसे कथित फर्जी डॉक्टर का मामला सामने आया है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। कभी निजी क्लिनिक के काउंटर पर बैठकर मरीजों की पर्चियां बनाने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे अस्पताल का मालिक बन गया। उसने 100 बेड का अस्पताल खड़ा किया और वहां मरीजों का इलाज करने के साथ सर्जरी तक करने लगा। जांच में सामने आया कि आरोपी ने डॉक्टर बनने के लिए आठवीं से आगे की पढ़ाई नहीं की थी। आरोप है कि उसने दसवीं-बारहवीं की मार्कशीट से लेकर MBBS की डिग्री और स्त्री रोग से जुड़ा डिप्लोमा तक फर्जी दस्तावेजों के जरिए हासिल किया। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने शुक्रवार को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें जालोर जिले के रानीवाड़ा स्थित भास्कर अस्पताल का संचालक नानंजीराम चौधरी और सीकर ...