नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- आखातीज के मौके पर बाल विवाह जैसी कुरीति पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस बार प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाल विवाह में सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि हलवाई, बैंड-बाजा, पंडित, टेंट हाउस और ट्रांसपोर्टर तक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। किसी भी स्तर पर सहयोग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा पर सख्ती जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) और पीपल पूर्णिमा (1 मई) को ध्यान में रखते हुए विशेष आदेश जारी किए हैं। इन दोनों अवसरों पर प्रदेश में बाल विवाह की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कड़े प्रबंध लागू किए हैं।एक कॉल पर होगी तुरंत कार्रवाई बाल विवाह की सूचना देने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो 16 अप्रैल से 15 मई तक 24...