नई दिल्ली, जुलाई 21 -- राजस्थान के दौसा जिले में एक बस धमाके के तीन दशक बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक दोषी की मौत की सजा रद्द कर दी। शीर्ष अदालत ने विशेष अदालत को नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया। इसके अलावा इस मामले में उम्रकैद पाए एक अन्य दोषी को बरी कर दिया। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा छह लोगों को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की अपीलें खारिज कर दीं। जस्टिस विक्रम नाथ, संजय करोल और संदीप मेहता की पीठ ने मौत की सजा पाए दोषी अब्दुल हमीद के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के 2019 के फैसले को रद्द कर दिया। यह भी पढ़ें- 'गैराज में चल रहे विधि कॉलजों को मान्यता देना चिंता की बात' पीठ ने कहा कि उसके वकील ने उसे ठीक से कानूनी मदद नहीं दी थी। आगरा से बीकानेर जा रही बस में 22 मई, 1996 को हुए धमाके के बाद बीते समय को ध्यान में रखते हुए, सु...