नई दिल्ली, मई 28 -- राजस्थान की उच्च शिक्षा व्यवस्था में गुरुवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने दो-दो विश्वविद्यालयों के कुलपति प्रो. देवस्वरूप को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। आरोप इतने गंभीर हैं कि जांच रिपोर्ट पढ़ने के बाद राजभवन ने बिना देरी कार्रवाई कर दी। मामला सिर्फ नियुक्तियों में गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को नौकरियां बांटी गईं, फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवारों के साथ खुला अन्याय किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन दो विश्वविद्यालयों-विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और बाबा आम्टे दिव्यांग विश्वविद्यालय-की जिम्मेदारी प्रो. देवस्वरूप संभाल रहे थे, वहां जमीन पर व्यवस्था लगभग नदारद थी। विश्वविद्यालयों क...