वाराणसी, सितम्बर 26 -- वाराणसी। राजस्थान की ऐतिहासिक, पुरातात्त्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के विविध आयामों और उसमें निहित निरंतरता और परिवर्तन पर बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र में दो दिनी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी शुक्रवार से शुरू हुई। वाराणसी इंस्टीट्यूट ऑफ हिस्ट्री के इस आयोजन को मुख्य अतिथि के रूप से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने संबोधित किया। संस्थापक निदेशक प्रो. अरुणा सिन्हा ने अतिथियों और विद्वानों का स्वागत करते हुए राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत, पुरातात्त्विक धरोहर, कला-संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अकादमिक संवाद से राजस्थान के अतीत और वर्तमान को समझने के नए आयाम सामने आएंगे। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने विरासत के संरक्षण, अध्ययन और भावी पीढ़ियों तक उसके हस्तांतरण की आवश्यकता पर...