नई दिल्ली, फरवरी 10 -- राजस्थान विधानसभा में 11 फरवरी को वित्त मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी राज्य बजट पेश करेंगी। बजट से पहले प्रदेश के 41 जिलों से सामने आई जमीनी हकीकत ने सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां और उतनी ही बड़ी उम्मीदें खड़ी कर दी हैं। शहरी और ग्रामीण-दोनों क्षेत्रों की जनता आज भी पानी, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और पर्यावरण जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में इस बजट को केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं का बजट माना जा रहा है। पिछले कई दिनों से राज्य सरकार की ओर से बजट को लेकर सुझाव मांगे जा रहे थे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों, किसान संगठनों और आम नागरिकों के साथ बैठकों के कई दौर चले। इन बैठकों और फीडबैक रिपोर्ट से साफ हुआ है कि प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक आबादी इस बजट से राहत की उम्मीद लगाए बैठ...