नई दिल्ली, जुलाई 27 -- राजस्थान के बूंदी स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (आरवीटीआर) को बने चार साल हो चुके हैं। लेकिन इस क्षेत्र के आठ गांवों के करीब 3,000 ग्रामीण अब भी पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। वन्यजीवों के बढ़ते खतरे के बीच पुनर्वास प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। ये निवासी वन्यजीवों के हमलों के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं। मई 2022 में आरवीटीआर को देश का 52वां और राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। इसके बाद वन विभाग ने 481.90 वर्ग किलोमीटर से अधिक के कोर क्षेत्र में स्थित गांवों के स्वैच्छिक पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की थी।

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