नई दिल्ली, जून 3 -- राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनावों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि 18 जून को मतदान होगा। इस चुनावी प्रक्रिया के बीच एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्यसभा के गठन से लेकर अब तक राजस्थान ने कुल 142 सांसदों को उच्च सदन के लिए भेजा है, लेकिन इनमें महिलाओं की संख्या महज 9 रही है।74 साल में सिर्फ 9 महिलाओं को मिला मौका साल 1952 से शुरू हुए राज्यसभा के इतिहास में राजस्थान से महिला प्रतिनिधित्व बेहद सीमित रहा है। प्रदेश की पहली महिला राज्यसभा सांसद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शारदा भार्गव थीं। स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व सांसद मुकुट बिहारी भार्गव की पुत्री शारदा भार्गव ने 1952 से 1966 तक...