नई दिल्ली, जनवरी 13 -- राजस्थान की सियासत में एक बार फिर वही पुरानी कहानी, लेकिन किरदार बेहद खास। आदिवासी अंचल के कद्दावर नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया-जो कभी कांग्रेस के मजबूत स्तंभ माने जाते थे, फिर अचानक बीजेपी की ओर चले गए-अब एक बार फिर "घर वापसी" की तैयारी में हैं। महज दो साल पहले जिस भाजपा को उन्होंने नई राजनीतिक मंज़िल माना था, उससे अब उनका मोहभंग हो चुका है। दक्षिण राजस्थान की राजनीति में यह घटनाक्रम मामूली नहीं है। बांसवाड़ा-डूंगरपुर जैसे आदिवासी बहुल इलाके में मालवीया का नाम आज भी बड़े जनाधार के साथ लिया जाता है। ऐसे में उनका दोबारा कांग्रेस की ओर झुकाव, सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है। कांग्रेस से बीजेपी और अब फिर कांग्रेस की राह महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदे...
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