जयपुर, मार्च 7 -- राजस्थान की पहचान और मरुस्थलीय जीवन की रीढ़ मानी जाने वाली खेजड़ी के पेड़ों को कानूनी संरक्षण देने का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। बाड़मेर के बायतु विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने राज्य सरकार से सवाल करते हुए पूछा है कि जब सरकार ने खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाने का वादा किया था, तो अब तक वह विधेयक विधानसभा में क्यों नहीं लाया गया? चौधरी ने कहा कि सरकार की ओर से खेजड़ी के पेड़ों को कानूनी संरक्षण देने के लिए कानून बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर खेजड़ी संरक्षण बिल को लेकर सरकार की मंशा क्या है।बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में उठा मुद्दा शुक्रवार शाम हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग...