काशीपुर, जनवरी 1 -- काशीपुर। प्रकाश रेजीडेंसी निवासी राजरानी गुड़िया की आंखें मरणोपरांत भी दो लोगों को रोशनी देंगी। उनके परिजनों द्वारा लिया गया नेत्रदान का यह निर्णय समाज के लिए एक नजीर बन गया है। गुड़िया परिवार की सुपुत्री अंशुका पचौरी एवं दामाद विवेक पचौरी ने दुख की घड़ी में भी धैर्य और सेवा का परिचय देते हुए नेत्रदान की सहमति प्रदान की । राजरानी गुड़िया की पुतलियां अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के अंधकारमय जीवन में नव-प्रकाश का संचार करेंगी। वसुधैव कुटुंबकम के तत्वावधान में संपन्न यह 35वां नेत्रदान गुड़िया परिवार के सेवाभावी व्यक्तित्व का परिचायक है। संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल ने कहा हमारी सनातन संस्कृति महर्षि दधीचि और राजा शिवि के त्याग से सिंचित है। नेत्रदान से देह का भंग नहीं, बल्कि देह का सार्थक अंत है। संस्था के सचिव प्रि...