नई दिल्ली, मई 11 -- नई दिल्ली। सरकार ने निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से बड़े कोषों और संस्थागत निवेशकों को 'बीओटी' (बनाओ-चलाओ-सौंप दो) मॉडल की राजमार्ग परियोजनाओं में बोली लगाने की अनुमति दे दी है। बीओटी मॉडल के तहत सरकार परियोजना के वित्तपोषण, निर्माण और संचालन के लिए 20-30 वर्ष की रियायत अवधि प्रदान करती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी संशोधित अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) दस्तावेज के मुताबिक, अब सरकारी संपत्ति कोष, अवसंरचना कोष, पेंशन कोष और निजी इक्विटी निवेशक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बीओटी परियोजनाओं में भाग ले सकेंगे।

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