दरभंगा, अक्टूबर 2 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। सामाजिक परिवर्तन के लिए खुद को दर्पण बनाना पड़ता है। गांधी के व्यक्तित्व की चर्चा एक-दो घंटे में संभव नहीं है। गांधी जी युवावस्था तक सूट, बूट, टाई में रहते थे, पर बाद में अपने आप को काफी बदला। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के तत्त्वावधान में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर जुबिली हॉल में आयोजित गांधी जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने उक्त बातें कही। कुलपति ने गांधी जी को राष्ट्र का ध्रुवतारा बताते हुए कहा कि गांधी जी के इंसानियत के विचार को कभी दबाया नहीं जा सकता है। यदि उनके एक विचार को भी हम पूरा करें तो बड़ी बात होगी। कुलपति ने गांधी को अपना आईकॉन बताते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के निर्माण के लिए महात्मा गांधी के विचारों क...