नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- भारत में कवियों, लेखकों व पत्रकारों के खिलाफ अक्सर एफआईआर दर्ज कराई जाती है, जिनमें आस्था को ठेस पहुंचाने या सामाजिक विभेद पैदा करने के आरोप लगाए जाते हैं। यहां तक कि राजनेताओं के खिलाफ बोलने पर भी उत्पीड़न की कार्रवाई कर दी जाती है। पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और सदन में उपनेता राघव चड्ढा के खिलाफ पार्टी की ओर से ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। 'आप' ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर कहा है कि चड्ढा को पद से हटा दिया गया है और उन्हें सदन में बोलने के लिए पार्टी की ओर से समय न दिया जाए। उन पर आरोप लगाया गया है कि वह पार्टी का पक्ष जोर-शोर से नहीं रख रहे थे। बस, इतनी सी बात पर पार्टी ने अपनी सर्वोच्च शक्ति का इस्तेमाल कर दिया। यह आप द्वारा अपने ही सदस्य की अभिव्यक्ति की आजादी का दमन माना जाएगा। एक मा...