नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। यूपी की योगी सरकार के नियुक्ति विभाग ने प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों के लिए अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन से संबंधित शासनादेश को लेकर गुरुवार को स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार किसी व्यक्ति को केवल उसकी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर सरकारी नियुक्ति के लिए अनुपयुक्त नहीं माना जाएगा। प्रावधान में राजनीतिक विचारधारा और हिंसात्मक गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर किया गया है। इसमें विशेष रूप से ऐसे संगठनों का उल्लेख है, जिनका संकल्पित उद्देश्य हिंसात्मक तरीके से समाज की विद्यमान व्यवस्था को बदलना है। ऐसे संगठनों से जुड़ाव और संबंधित गतिविधियों के मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा। इसका आशय सामान्य राजनीतिक विचारों, सरकार की आलोचना या शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों को हि...