लखनऊ, अक्टूबर 29 -- राजनीतिक आंदोलन में हिंसा फैलाने पर जेल जाने वालों को यूपी में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। आंदोलन के दौरान सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और आगजनी करने वाले इसके दायरे में आएंगे। चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन के दौरान इन तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ऐसे अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया जाएगा। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम देवराज ने सरकारी नौकरी पाने के लिए चरित्र सत्यापन व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई नीति जारी की गई। यह भी पढ़ें- यूपी में सरकारी नौकरी में अब ज्वाइनिंग से पहले वेरिफिकेशन पूरा होना अनिवार्य, प्रक्रिया बदलीआंदोलन में सक्रियता और चरित्र सत्यापन तीन साल बाद तक आंदोलन में भाग लिया तो माना जाएगा सक्रिय यह भी पढ़ें- रिजीम चेंज मांगने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, योगी सरकार का एक्शन शासनादेश में यह...