देहरादून, जनवरी 10 -- बीजापुर राज्य अतिथि गृह में 'वृक्षाबंधन अभियान' के तहत आयोजित गोष्ठी में राजधानी की लुप्त होती हरीतिमा और मानव जनित आपदाओं पर गहन मंथन हुआ। अभियान के संस्थापक मनोज ध्यानी ने व्याख्यान पत्र में नहरों के विनाश, चाय बागानों पर अतिक्रमण और देहरादून को भूकंप के खतरे की ओर आगाह किया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य दिनेश सक्सेना और द्वितीय की अंतरराष्ट्रीय परामर्शदाता देवेंद्र कैंथोला ने की। गोष्ठी में मेजर (रिटा.) महावीर सिंह रावत, सुशील त्यागी, अवधेश शर्मा और हिमांशु अरोड़ा ने अनियोजित निर्माण और 'कंक्रीट के जंगल' पर चिंता जताई। मनोज बिजवाण, प्रकाश नागिया, डॉ. ताराचंद गुप्ता, रेखा नेगी, डॉ. सुनील अग्रवाल, पुनीत नंदा, डॉ. हरीश मैखुरी, अनिता शास्त्री और भूमि यादव ने सौर ऊर्जा, जल स्रोत संरक्षण और ट्रैफिक मैनेजमेंट ...