चक्रधरपुर, जुलाई 17 -- गुजरात के राजकोट में पश्चिमी सिंहभूम जिले के चार प्रवासी मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले एक वर्ष से एक निजी कंपनी में बिना वेतन के काम कराया जा रहा था। मजदूरों का कहना है कि जब भी उन्होंने अपनी मजदूरी मांगी, उनके साथ मारपीट की गई और बंधुआ मजदूरों की तरह जबरन काम कराया गया। पीड़ित मजदूरों में चक्रधरपुर के कार्तिक लोहार, गोइलकेरा की राधे लोहार, तथा हाटगम्हरिया के लक्ष्मण पूर्ति और गोविंदा पूर्ति शामिल हैं। इन मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें बंधक बनाकर रखा था और बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी जाती थी। इनमें एक महिला मजदूर भी शामिल है। मजदूरों ने किसी तरह कंपनी से भाग कर बुधवार रात राजकोट रेलवे स्टेशन पहुंचने में सफलता हासिल की। फिलहाल वे स्टेशन परिसर में ही फंसे हुए हैं। उनके पास न खाने के लिए पैसे हैं ...