लखीमपुरखीरी, अप्रैल 21 -- राजकीय पुस्तकालय में सदस्यता शुल्क निर्धारित करने का विरोध एबीवीपी ने किया है। परिषद का कहना है कि यह पुस्तकालय जिले के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र है। राजकीय पुस्तकालय में एक मई से 500 मासिक शुल्क व मेधावी छात्रों के लिए 250 सदस्यता शुल्क निर्धारित किया गया है। यह निर्णय उन छात्रों के लिए बाधा बन सकता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रशासन से मांग करती है कि राजकीय जिला पुस्तकालय को पूर्णतः निःशुल्क किया जाए। यह भी पढ़ें- एबीवीपी ने जिला पुस्तकालय शुल्क खत्म करने की मांग विभाग संयोजक अजय पाण्डेय ने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान का मंदिर होता है, जहां हर वर्ग क...