मऊ, दिसम्बर 27 -- मऊ। राजकीय आईटीआई परिसर में वीर बाल दिवस के अवसर पर संस्थान के ट्रेनिज द्वारा कार्यकम आयोजित किए गए। योगेन्द्र यादव, वरिष्ठ अनुदेशक ने बताया कि सन 1705 के आस-पास पंजाब मुगल शासकों का अत्याचार बढ़ गया था। तब मुगल सेना गुरू गोविन्द सिंह को पकड़ना चाहती थी, जो सिक्खों के दसवे गरू थे। उनको बचाने के लिए इन्होंने अपने दोनों पुत्र जरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह को बलिदान करते हुए धर्म मानवता की रक्षा एवं सच्चाई के लिए अपने आप को मुगल सेना से लड़ते हुए इनको वीर गति प्राप्त हुई। हमें भी जब जरूरत पडे़ देश के लिए साहस के साथ खड़े रहना चाहिए। कार्यक्रम में अखिलेश राम प्रताप, द्वारिका, कुशाग्र, रमेश रहमान, गोपाल उपेन्द्र सत्येन्द्र मीरा, शशिबाला सरिता अनीता इत्यादि लोग उपस्थित रहें।
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