नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- पंकज कुमार पाण्डेय नई दिल्ली। राघव चड्ढा की अगुआई में आम आदमी पार्टी में हुए दल-बदल ने एक बड़ा सियासी भूचाल और आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा सियासी संकट खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पंजाब में होगी। साथ ही इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी पार्टियों जैसी टूट का डर भी आम आदमी पार्टी को दिखा दिया है, जिसका असर पूरे संगठन पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी की दिल्ली, पंजाब से लेकर पूरे सूबे में पार्टी की मुहिम को बड़ा झटका लग सकता है।जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने से न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक संतुलन प्रभावित होता दिख रहा है। यह भी पढ़ें- राघव चड्ढा समेत सात...