अलीगढ़, फरवरी 17 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। बुधवार से ईसाई समाज का पवित्र काल राख का बुधवार शुरु होगा। इसमें 40 दिन तक कठिन उपवास रखा जाता है। इसमें खाने के साथ पानी पीने पर भी रोक होती है। समाज के कई लोग इस उपवास को करते हैं। इसे ऐश वेडनेस डे कहते हैं। ये पवित्र दिन गुनाहों से माफी मांगने के दिन माने जाते हैं। इंग्राहम चर्च के फादर जोनाथन अली ने बताया कि सभी चर्च में ऐश वेडनेस डे मनाया जाएगा। किसी पर उपवास करने का दबाव नहीं होता। लोग खुद अपनी स्वेच्छा से उपवास कर सकते हैं, ये चालीस दिन तक रहता है। इस काल में प्रार्थना कर अपने गुनाहों की माफी मांगी जाती है। राख लगाने का अर्थ लोगों को नश्वरता का अहसास कराना होता है। सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च के फादर युसुफ दास ने बताया कि ऐश वेडनेस डे ईसाइयों के लिए 40 दिनों के उपवास, आत्म-संयम, प्रार्थना ...