बाराबंकी, जनवरी 13 -- निन्दूरा। बलवन्तपुर भानमतिया कुटी पर भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को कथा प्रवंचक वेद प्रकाश महाराज ने पंडाल में मौजूद श्रोताओं को दशरथ व मुनि विश्वामित्र की कथा सुनाई। कहा कि धर्म की रक्षा के लिए मुनि विश्वामित्र परेशान थे। वन में राक्षसों के अत्याचार की चिंता के लिए राजा दशरथ के पास पहुंचते हैं। राजा दशरथ उन्हें दरबार में लाकर उचित आसन पर बिठाकर उनके पुत्रों से मुनि के चरण स्पर्श करने को कहते हैं। राजा दशरथ मुनि विश्वामित्र से आगमन का कारण पूछते हैं। मुनि विश्वामित्र राजा दशरथ से कहते हैं कि हे राजन असुर समूह मुझे बहुत सताते हैं इसलिए मैं आपसे कुछ मांगने आया हूं। विश्वामित्र कहते हैं कि राक्षसों से रक्षा करने के लिए उन्हें राम और लक्ष्मण चाहिए जो उन राक्षसों का संहार करेंगे और ऋषि मुनि असुरों से सुरक्षित हो सकेंगे। ...
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