हजारीबाग, अगस्त 20 -- हजारीबाग, हमारे प्रतिनिधि । रांची के एक निजी हॉस्पिटल की एक बेहद अमानवीय और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले एक गरीब ट्रक चालक का शव अस्पताल प्रबंधन ने बकाया बिल के भुगतान न होने के कारण रोक रखा है। मृतका की पत्नी अपने चार छोटे बच्चों के साथ पिछले दो दिनों से अस्पताल के बाहर शव पाने की आस में बैठी है।चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत चोपे पंचायत के बड़गांव निवासी ट्रक चालक शिवसागर उपाध्याय 12 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के आलम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है और वह घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। परिजनों के अनुसार, पति की जान बचाने के लिए पत्नी निक्की द...