किशनगंज, जून 6 -- किशनगंज। एनीमिया यानी खून की कमी आज भी देश में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह समस्या केवल शारीरिक कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास, किशोरियों की शिक्षा और महिलाओं के मातृत्व स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालती है।

एनीमिया के लक्षणों की पहचान कई बार लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।

नियमित जांच का महत्व ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन-फोलिक एसिड अनुपूरण और पोषण संबंधी परामर्श एनीमिया के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बनकर उभरे हैं।

आयरन-फोलिक एसिड उपलब्धता महिलाओं, गर्भवती माताओं, किशोरियों और बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पोषण संबंधी मार्गदर्शन केवल दवा ही...