कौशाम्बी, फरवरी 28 -- रमजान को तीन अशरों में बांटा गया है। पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नुम से निजात का होता है। शनिवार को 10 रोजे पूरे होने के बाद बाबरकत माह-ए-रमजान का पहला अशरा पूरा हो गया। पहला अशरा रहमत का होता है। इसी के साथ 1 मार्च रविवार से दूसरा अशरा शुरू हो गया जो कि मगफिरत का है। दूसरे अशरे में अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगना सबसे अफजल माना गया है। पहले अशरे में रोजेदारों ने रहमत की दुआओं के साथ इबादत की, अब दूसरे अशरे में वो मगफिरत यानी गुनाहों से माफी की दुआएं मांगने के साथ इबादत करेंगे। मनौरी गांव स्थित बड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज जफर अकील ने नमाजियों को दूसरे अशरे की फजीलत बताते हुए ज्यादा से ज्यादा इबादत करने और तौबा-इस्तिगफार यानि गुनाहों से माफी मांगने की अपील की। इमाम हाफिज जफर अकील ने कहा कि रमजान का दू...