सीवान, मार्च 3 -- सीवान, एक संवाददाता। रमजान के पाक महीने का इस्लाम में अहम स्थान है। इस दौरान इस्लाम पसंद बंदे अपने नफ्स पर काबू पाते हैं। यह पाक महीना रहमतों का महीना है। जिले के बड़हरिया प्रखंड के मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन पड़रौना के हेड मौलाना कारी सेराजुद्दीन निज़ामी ने पाक माह रामजान की फजीलत बयान करते हुए कहा कि रामजान माह पाक माह है। सभी इस्लाम पसंद मुसलमान माहे रामजान के रोजा की वजह से जब भूख प्यास की शिद्दत को महसूस करता है तो उसके अंदर गुरबा व मसकिन की तकलीफ का एहसास बेदार हो जाता है। क्योंकि इंसान नाजो नेमत में पला हुआ है। जिसने भूख व प्यास की तकलीफ कभी बर्दाश्त नहीं की हो उसे भूखे प्यासों की हालत व अजियत का क्या इल्म होगा। लेकिन रोजा की वजह से जब उसे भूख की अजियत का तजरबा होता है तो फिर उसके अंदर ये जज्बा पैदा होगा कि गरीबों व ...