गोंडा, मई 10 -- मनकापुर, संवाददाता। रसोई गैस की किल्लत के साथ ही अब किसानों को यूरिया खाद मिलने में परेशानी बढ़ गयी है। गन्ने की फसल में यूरिया बोने के लिए खोजे नहीं मिल रही है। किसान लाइन में लगने के बाद भी एक बोरी यूरिया के लिए तरस रहे हैं। मनकापुर तहसील का कुछ क्षेत्र जो दतौली चीनी मिल एरिया से जुड़ा है, वहां के किसान नकदी फसल गन्ना होने के कारण गन्ने की खेती में अधिक रूचि ले रहे हैं। समय से गन्नें की बुवाई कर दिये। कुछ पेडी गन्ना भी था जो अब पेडी व पौधा लगभग दो से तीन फिट से अधिक लम्बा तना हो चुका है। खेत की सिंचाई व गुड़ाई भी हो चुकी है। अब गन्ने के खेत के लिए फसल में खाद की जरूरत है लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रही है। गन्ना समिति में विगत दो तीन दिन पहले खाद बांटी गयी लेकिन कुछ जरूरतमंद व छोटे किसानों को यूरिया का एक दाना नहीं मिल...
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