फतेहपुर, मई 10 -- फतेहपुर। जिला अस्पताल में रविवार को स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर अक्सर बदहाल नजर आती है। सप्ताह के अंतिम दिन अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है और वार्डों में भर्ती मरीजों की देखरेख प्रभावित हो जाती है। डाक्टरों और स्टाफ की सीमित मौजूदगी के कारण मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर नहीं मिल पातीं। इसका सबसे ज्यादा असर गंभीर मरीजों और उनके तीमारदारों पर पड़ता है। वार्डों में निगरानी कमजोर यह भी पढ़ें- मेडिकल कॉलेज से संबद्धता से छिन गई जिला अस्पताल की सुविधाएं पुरुष और महिला वार्ड में भर्ती मरीजों का अनुभव पुरुष और महिला वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि सुबह डाक्टरों के राउंड के बाद स्वास्थ्य निगरानी काफी कम हो जाती है। दवा, इंजेक्शन या अन्य जरूरतों के लिए कई बार स्टाफ को ढूंढना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि रवि...