पीलीभीत, मई 6 -- कलीनगर। तीन दशक पहले रमनगरा के ग्रामीणों को नेपाल बार्डर पर जमीन के पटटे किए गए थे। उस पर ग्रामीण खेती बाड़ी करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि एसएसबी और नेपाल की फोर्स नोमेंस लैंड की जमीन बताकर उन्हें खेती करने से रोक रहीं हैं। ग्रामीणों ने जमीन का सीमांकन कराने की मांग की है। तहसील क्षेत्र के गांव रमनगरा नंबर चार में बर्ष 1994 में खाता संख्या 315 में कुछ लोगों के पटटे किए गए थे। यह जमीन नेपाल सीमा से सटी हुई है। वर्तमान में जमीन नोमेंस लैंड और वन विभाग की बताई जा रही है। बरसात में बाढ़ आने से इस जमीन पर फसल नहीं हो पाती। खेतों में कई फिट पानी भर जाता है। ग्रामीण साल भर में एक फसल बो कर अपने परिवार का भरण पोषण करते चल आ रहे हैं। विगत बर्षो से ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर जमीन दिलाने की मांग कर रहे है। आरोप है कि बाढ़...