कौशाम्बी, मार्च 1 -- पाक महीने रमजान के 11 रोजे पूरे होते ही इबादत का रंग और गहरा हो गया है। मनौरी गांव की बड़ी मस्जिद में नमाजियों की तादाद बढ़ रही है और रोजेदार पूरी अकीदत के साथ रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं। रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का पैगाम लेकर आता है। 11 रोजे मुकम्मल होने के साथ ही मस्जिदों में खास रौनक देखने को मिल रही है। मनौरी गांव स्थित बड़ी मस्जिद में पांच वक्त की नमाज और तरावीह में रोजेदारों की खासी भीड़ उमड़ रही है। बड़ी मस्जिद के इमाम हाफिज जफर अकील ने बताया कि रमजान का हर दिन इंसान को सब्र, तकवा और भाईचारे का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि रोजा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि अपने गुनाहों से तौबा करने और नेक राह पर चलने का जरिया है। 11 रोजे गुजर जाने के बाद अब रोजेदार और ज्यादा एहतियात के साथ इबादत...
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