रामगढ़, मार्च 13 -- बरकाकाना, निज प्रतिनिधि। अलविदा नमाज या जुमातुल विदा रमजान महीने के अंतिम शुक्रवार को अदा की जाने वाली एक विशेष नमाज है। यह रमजान माह के समापन का प्रतीक है और ईद-उल-फितर के आगमन का संकेत देती है। इस दिन मुसलमान अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी और रहमत की दुआ मांगते हैं। खतिब ए इमाम पीरी मौलाना गुलाम जिलानी ने तकरीर पेश करते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने का आखिरी अशरा चल रहा है। जिसे अलविदा जुम्मा के नाम से जाना जाता है। ये जुमा सिर्फ इस महीने का आखिरी शुक्रवार नहीं है, बल्कि आत्म-मंथन, इबादत और इंसानियत के प्रति अपने कर्तव्यों को याद करने का दिन है। मस्जिदों में उमड़ती भीड़ और नमाजियों के अल्लाह की बारगाह में उठते हुए हाथ अल्लाह से अपने गुनाहों की मांफी, आखिरत की मगफिरत, दुनिया में सुख चैन पाने की दुआ करते हैं। रमजान का...