बाराबंकी, मार्च 8 -- देवा शरीफ। रमजान शरीफ में यूं तो सभी राते औऱ दिन इबादत की होती हैं, लेकिन रमजान की कुछ खास शबे कद्र की रातें होती है। जिनका मर्तबा अलग होता है। जिसमें बूढ़े, बच्चे, मर्द व औरतें पूरी तैयारी के साथ इबादत करते हैं और शबे रात की रातों का फ़ैज उठाते हैं। रमजान शरीफ के महीने में शबे कद्र की विशेष रातें 19, 21, 23, 25, 27 और 29 होती हैं। जिसमें रमजान शरीफ की शबे कद्र की एक रात हजार रातों से भी अव्वल और अफजल मानी जाती है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब आखिरी अशरा को कमर बस्ता होकर इबादत करते और अपने कलामातों के जरिए लोगों को इबादत का पैगाम पहुंचाते। 19वें रोजे को लेकर शहर से लेकर कस्बों में जुलूस निकाला जाएगा। स्थानीय पुलिस जुलूस निकालने को लेकर मुस्तैद रहेगी। -- मुकद्दस रमजानइफ्तार (9 मार्च) रोजा सोमवारसुन्नी शिया06:14 बजे शाम 06:...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.