बदायूं, मार्च 8 -- बिसौली। मस्जिद के इमाम मौलाना अफलाक रजा उवैसी ने कहा कि मुकद्दस माह-ए रमजान का दूसरा अशरा चल रहा है। अल्लाह रब्बुल इज्जत इस अशरे में बहुत से लोगों की मगफिरत फरमाता है। दूसरे अशरे को मगफिरत का अशरा कहा जाता है।मौलाना अफलाक रजा उवैसी ने कहा कि इस अशरे में रोजेदार रोजे रखकर अल्लाह से मगफिरत की दुआ मांगते हैं। बताया कि यूं तो रमजान का पूरा महीना मोमिनों के लिए अल्लाह की तरफ से अजमत वाला व रहमतों और बरकतों से लबरेज है, लेकिन अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में तकसीम किया है। पहला अशरा रहमत वाला है, जिसमें खुदा की रहमत नाजिल होती है। दूसरा असरा रमजान के 20 वें रोजे के सूरज डूबने तक रहेगा। दूसरे अशरे में रोजेदार रोजे रखकर अल्लाह से मगफिरत की दुआएं करते हैं। अपनी मगफिरत, मां-बाप की मगफिरत, रिश्तेदारों की मगफिरत और उम्मत ...