हापुड़, मार्च 11 -- मुकद्दस रमजान में दस-दस दिन के कुल तीन अशरे होते हैं। पहला अल्लाह की रहमतों का, दूसरा गुनाहों से मगफिरत का और तीसरा अशरा जहन्नुम की आग से निजात दिलाने वाला होता है। दूसरा अशरा 20वें रोजे के साथ खत्म हो चुका है, अब बुधवार को इक्कीसवें रोजे के साथ ही तीसरा और अंतिम अशरा शुरू हो गया है। इसी अशरे में सैकड़ों लोग मस्जिदों में एतेकाफ में बैठने शुरू कर दिया हैं। मौलाना अलाऊद्दीन ने कहा कि अंतिम अशरा सबसे महत्वपूर्ण होता है। सोमवार की शाम को चांद निकलने के साथ दूसरा अशरा पूरा हो गया था। दूसरे अशरे में हम सबने रोजे रखकर अल्लाह से मगफिरत की दुआ की। कहा कि वैसे तो पूरे रमजान महीने में अल्लाह की तरफ से मोमिनों के लिए रहमतें बरसती हैं। बुधवार से शुरू हुए तीसरे अशरे में इबादत का दौर तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि तीसरा अशरा 21वें रो...